Saturday, 22 February 2020

370 पर फैसले के बाद अमेरिका क्या बोला






जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद संयुक्त राज्यअमेरिका ने सभी पक्षों से एलओसी पर शांति और स्थिरता बनाए रखने की अपीलकी है। 
भारत की ओर से कश्मीर के संवैधानिक इतिहास में सोमवार को किए गए बदलाव को अमेरिका ने उनका आंतरिक मामला बताते हुए इसमें किसी भी तरह से हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है। दरअसल अभी तक पाकिस्तान कश्मीर के मामले में अमेरिका से मध्यस्थ की भूमिका निभाकर इस मामले को निपटाने के लिए कह रहा था। इस दिशा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की एक बार उनसे मीटिंग भी हुई थी मगर उस मीटिंग का कोई खास मतलब नहीं निकला। भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने कहा कि अनुच्छेद 370 पर सरकार का कदम राष्ट्र की अखंडता की दिशा में एक ऐतिहासिक फैसला है।





अमेरिका ने भारत के उन दावों का खंडन किया कि जिसमें कहा गया था कि भारत ने अनुच्छेद-370 को खत्म करने से पहले अमेरिका को इसकी सूचना दी थी। सोमवार को आई एक मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि भारत ने जम्मू कश्मीर पर अपने प्लान को लेकर अमेरिका को जानकारी दी थी। समाचार वेबसाइट 'द प्रिंट' ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपने अमेरिकी समकक्ष जॉन बोल्टन बोल्टन को फरवरी में ही जम्मू-कश्मीर को दिए गए विशेष विशेषाधिकारों को रद्द करने की सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी थी

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