• Sunday, 31 March 2019

    चाँदी से होने वाले फायदे

    हिंदू धर्म में चांदी को बहुत शुद्ध और प्रभावशाली धातु माना गया है. चांदी का प्रयोग कई रूपों में होता है और यह हर तरीके से इंसान को फायदा ही पहुंचाती हैचांदी सिर्फ आभूषण के तौर पर ही कीमती नहीं है बल्कि चांदी हमें स्वस्थ रखने में भी अपना महत्वपूर्ण योगदान देती है। पुराने जमाने में लोगे चांदी के बर्तन  में भोजन करते थे चांदी के बर्तन में खाने वाले लोग शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से काफी स्वस्थ रहते हैं चांदी के बर्तन में खाना खाने से हम छोटे-छोटे कीटाणुओं से बच जाते हैं। चांदी के बर्तन 100 प्रतिशत कीटाणु रहित होते हैं।








    चांदी का सबसे बड़ा फायदा यह हैं कि यह शरीर को ठंडक देता है। जिस तरह चांदी के ज्वैलरी पहनने से शरीर को ठंडक मिलती है और गुस्सा शांत रहता हैं,  ज्‍योतिषशास्‍त्र के अनुसार अलग-अलग धातुओं की अंगूठी पहनने से महत्‍वपूर्ण लाभ मिलते हैं। कई लोग चांदी की धातु की अंगूठी भी पहनते हैं लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि चांदी की अंगूठी किस ऊंगली में पहननी चाहिए या इसे किस ऊंगली में पहनना सबसे अधिक शुभ फल देता है।योतिषशास्‍त्र के अनुसार अलग-अलग धातुओं की अंगूठी पहनने से महत्‍वपूर्ण लाभ मिलते हैं।









    कई लोग चांदी की धातु की अंगूठी भी पहनते हैं लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि चांदी की अंगूठी किस ऊंगली में पहननी चाहिए या इसे किस ऊंगली में पहनना सबसे अधिक शुभ फल देता है। चांदी की अंगूठी का संबंध शुक्र और चंद्रमा से है। अगर किसी व्‍यक्‍ति की कुंडली में चंद्रमा कमज़ोर हो या अशुभ ग्रहों के साथ बैइा हो तो उस जातक को अपने दाहिने हाथ की सबसे छोटी ऊंगली में इस अंगूठी को पहनना चाहिए। मेष राशि के लोगों के लिए चांदी का इस्तेमाल करना बहुत अशुभ होता है. इसके अलावा मेष राशि के लोगों को चांदी की अंगूठी भी नहीं पहननी चाहिए
    . अगर आप चांदी की अंगूठी पहनना चाहते है तो एक बार ज्योतिषी की सलाह जरूर लें. 

    चांदी का छल्ला दाएं हाथ की कनिष्ठा अंगुली में पहनना सबसे अच्छा रहता है








    सोने के अलावा चांदी में कोई और धातु  न मिलाएं
    किसी की कुंडली में चंद्रमा अशुभ स्‍थान में बैठा तो आपको किसी भी व्‍यक्‍ति से चांदी की कोई भी चीज़ उपहार में स्‍वीकार नहीं करनी चाहिए। 
    चांदी की अंगूठी का संबंध शुक्र और चंद्रमा से है 

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