• Saturday, 24 November 2018

    डेंगू मच्छर से बचने के उपाय







    एडीज एक संक्रमण है जो डेंगू वायरस के कारण होता है। डेंगू का इलाज समय पर करना बहुत जरुरी होता हैं मच्छर के काटने पर ये बीमारी डेंगू महामारी की तरह फैलती है। डेंगू मलेरिया की तरह मच्छर के काटने से होता है डेंगू का वायरस एडीज मच्छर के काटने से फैलता है डेंगू का मच्छर के उजाले में घरों के अंदर या बाहर काटता है, लेकिन अगर रात में रोशनी जल रही हो तब भी ये मच्छर काट सकते हैं यह रोग जून के महीने से शुरू होता है और मॉनसून के महीने में अपना चरम सीमा दिखाना  शुरू करता है। इस बीमारी में एक समय में अनेक प्रकार के विषाणु सक्रिय हो सकते है। डेंगू से बचाव के लिए फिलहाल कोई टीका नहीं होता है इसलिए इससे बचाव के लिए आपका जागरूक होना जरुरी है आइये आज हम आपको बता रहे हैं इससे किस प्रकार और इससे कैसे बचा जा सकता है। 
                                  
     डेंगू के लक्षण 

    डेंगू वायरस से पीड़ित होने के 3 से 14 दिनों के बाद किसी व्यक्ति में लक्षण दिखते हैं। लक्षण अक्सर 4 से 7 दिनों के बाद ही दिखते हैं। डेंगू के बुखार में सबसे पहले  चरण में सामान्य बुखार तरह ही लगते हैं। इसलिए पहले के चरण में इसका पता लगाना मुश्किल होता है। सबसे पहले चरण में डेंगू के लक्षण इस प्रकार के होते हैं बुखार का टेम्परेचर चढ़ जाता है। बुखार आने के वक्त ठंड लगने लगता है।  मांसपेशियों या जोड़ों में बहुत दर्द होना। कमजोरी होना। यह तो डेंगू के प्रथम अवस्था के लक्षण हैं जो साधारणत रोगी के शरीर में देखते है। कभी-कभी डेंगू हमारे शरीर के अन्य तंत्रों को प्रभावित कर सकता है | 

    डेंगू से रोकथम







    डेंगू की रोकथाम के लिए जरुरी है कि डेंगू के मच्‍छरों के काटने से बचे और इन मच्‍छरों के फैलने पर नियंत्रण रखा जाए. डेंगू के मच्‍छरों को कंट्रोल करने के लिए उसके पनपने की जगहों को ही नष्ट कर देना चाहिए.घरो में  बहुत दिन पुराना  पानी जमा ना होने दे उसे तुरंत साफ़ करे हमेशा कीटनाशक का प्रयोग करे बच्चो को भर भेजने से पहले उन्हें फुल कपडे पहनाये |अपने घर में और घर के आसपास साफ-सफाई रखें क्योंकि गंदगी में डेंगू के मच्छरों के पनपने की आशंका बढ़ जाती है. कचरे के डिब्बे को हमेशा ढककर रखें घर की खिडकियों पर जाली लगवा कर रखें जिससे मच्छर घर में आसानी से प्रवेश न कर सके डेंगू के रोगी के लिए महा औषधि का काम करता है। पपीते के पत्ते से इलाज करने के लिए पपीता का दो पत्ता लें और उनको पीसकर रस निकाल लें। जिसे दिन में दो बार पीये डेंगू होनेपर कीवी फल भी बहुत उपयोगी होता है डेंगू वायरस से जल्द छुटकारा  पाने के लिए इसके लक्षणों को पहचान कर सही समय पर डॉक् र की सलाह लें डेंगू के उपचार में अगर अधिक देरी हो जाए तो यह डेंगू हेमोरेजिक फीवर का रूप ले लेता है जो बहुत ख़तरकनक होता है 









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